जो बीत गया

जो बीत गया सब कहते हैं, बीती बातें भुला दो,  और जो है, नई – नवेली उसे गले से लगा लो। जो बीत गया है, उस पर क्या रोना,  क्या…

इन यादों को समेटना इतना आसान भी नहीं (poem)

इन यादों को समेटना इतना आसान भी नहीं कभी-कभी सोचती हूं तो लगता है, अभी तो क्लास 5th  में छोटे – छोटे से हम थे।     कभी-कभी वह छोटी-छोटी …