सुरक्षा थीम: “हमारा लक्ष्य – शून्य नुकसान  (“Safety First, Zero Harm Always”)

द्वारा- प्रीति राय

     इस पोस्ट में मैंने “हमारा लक्ष्य – शून्य नुकसान” पर निबंध हिंदी में लिखा है, क्योंकि विद्यार्थियों को हिंदी में निबंध कम मिल पाते हैं । विद्यार्थियों को जिन्हें निबंध लिखने में कठिनाई होती है, वे इस सुंदर एवं सरल निबंध की मदद ले सकते हैं।

     यह एक ऐसा विषय है जिस पर निबंध बहुत कम मिल पाते हैं। अतः मैंने इस विषय पर निबंध लिखा है, जो अवश्य ही आपके लिए उपयोगी होगा।

सुरक्षा थीम: हमारा लक्ष्य – शून्य नुकसान (“Safety First, Zero Harm Always”)

1. प्रस्तावना –  प्रत्येक वर्ष 4 मार्च का दिन भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।  4 मार्च 1972 के दिन राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाने की शुरुआत हुई। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए केवल राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस ही नहीं, अपितु राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। 4 मार्च, वर्ष 2023 को 52 वां राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जा रहा है।  भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाने की पहल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने की थी। जब राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की शुरुआत हुई थी, तो उस समय भारत के राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने सुरक्षा मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय उद्योग एवं और उद्योगपतियों को औद्योगिक सुरक्षा के मामले में जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का आवाहन किया।    राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की शुरुआत होने के बाद लगातार भारत में होने वाली औद्योगिक और अन्य दुर्घटनाओं में कमी देखने को मिली है और कार्य करने वाले मजदूरों में सतर्कता देखने को मिली है। इस वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का थीम “हमारा लक्ष्य – शून्य नुकसान” रखा गया है। साथ ही नेशनल सेफ्टी काउंसिल के अधिकारी इस सूचना के जरिए सभी संस्थाओं को इस थीम को अपनाने की अपील की है, ताकि कार्यस्थल पर सभी कर्मचारी सुरक्षित रहें और सावधानी रखें। सही कहा गया है –    “हर दिन सुरक्षा दिन, सुरक्षा को अवकाश नहीं।”

2. थीम का उद्देश्य:- इस राष्ट्रीय सुरक्षा थीम का उद्देश्य विभिन्न दुर्घटनाओं को शून्य (या एक भी दुर्घटना का न होना) करने हेतु जागरूकता बढ़ाना और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करना तथा व्यवसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की विशेषता को एकीकृत करना है। इस दिन को मनाने के पीछे के उद्देश इस प्रकार हैं:-

1  काम और सामान्य जीवन शैली में सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना।

2. कार्यस्थलों में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करना।

3. देश के विभिन्न हिस्सों में एसएचई (सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण) आंदोलन फैलाना।

4. कार्यस्थल पर कर्मचारियों व सार्वजनिक द्वारा भागीदारी की उच्च दर सुनिश्चित करना।

5. कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में जागरूकता बढ़ाना।     “हमारा लक्ष्य – शून्य हानि”  का उद्देश्य कार्यस्थल पर जो भी कर्मचारी या मजदूर आएं, वह वैसे ही अपने घर वापस जाएं। कार्यस्थल पर सुरक्षा पूरी तरह से रखें, यदि कोई सुरक्षा को नजरअंदाज करें, तो हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम आगे आकर उसे जागरूक करें तथा प्रोत्साहित करें जिससे वह सुरक्षा की आदतें अपनायें।

3.  उपाय –  राष्ट्रीय सुरक्षा की थीम हमारा लक्ष्य- शून्य हानि हेतु विभिन्न प्रकार के उपाय करने पड़ेंगे, जो इस प्रकार हैं:-

1. कार्यस्थल पर यह सुनिश्चित करें कि आपका फर्नीचर, माहौल व उपकरण  (equipment) सही स्थिति में हैं या नहीं।

2.  सबको पता होना चाहिए कि ऑफिस में ‘फर्स्ट एड किट’ कहां पर रखी है या चोट लगने पर किससे संपर्क करना चाहिए।

3.  ऑफिस के उपकरणों पर लिखी चेतावनी को पढ़ें और इस्तेमाल में लाएं।

4.  उन औजारों व उपकरणों का उपयोग न करें, जिसके लिए आप प्रशिक्षित नहीं हैं।

5. कार्यस्थल को हमेशा साफ रखें।

6. कर्मचारियों को हमेशा उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा उपायों के बारे में बताएं।

7.  व्यक्तिगत सुरक्षा के उपकरण पहनें।

 8.  किसी भी असुरक्षित स्थिति की सूचना दें।

9.  ऑफिस के इमरजेंसी गेट कितने हैं और कहां हैं, इसके बारे में सूचना होनी चाहिए।

10. हमेशा ऑफिस के इमरजेंसी नियम की पूरी जानकारी होनी चाहिए।

11.  हमेशा कार्यस्थल/दफ्तर के कर्मचारियों को दफ्तर के निर्धारित नियमों का पालन करें।     

उपरोक्त बताये गये उपायों को आदि कोई भी कार्यकर्ता ध्यान में रखें तो कभी कोई अप्रिय घटना घटित नहीं होने पाएगी।   

“चाहे कठिन/बड़ा कार्य हो या हल्का/ छोटा कार्य हो…… सुरक्षा हर मामले में अत्यावश्यक…..………..।”

“जो सुरक्षित है, वह खुशहाल है….…….. जो दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह दुःखदर्द है।”

4. महत्त्व – शून्य नुकसान लक्ष्य की सफलता के लिए कंपनियों और उसके मालिकों को कड़े सुरक्षित नियम प्राथमिकता के तौर पर अपनाना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस हमारे देश की समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हर नागरिक सुरक्षित रहे, यह सरकार की जिम्मेदारी है और नागरिकों का अधिकार है। इसके लिए जरूरी है कि छोटी छोटी कंपनियां भी अपने मजदूरों व कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुफ्त उपलब्ध कराएं। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कार्यक्रम लगातार राष्ट्र की सुरक्षा और राष्ट्रीय नागरिकों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

5. उपसंहार- सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देकर और लोगों को सुरक्षित प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके, हम दुर्घटनायें खत्म करने और सभी के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं। यह अनिवार्य है कि हम सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाते रहें और दुर्घटनाओं को रोकने  और सभी व्यक्तियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठायें।  सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना केवल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद या सुरक्षा विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी है। हमें एक साथ मिलकर देशभर के लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा और उनके स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए। हमें परस्पर सुरक्षा में सहयोग की भूमिका निभानी चाहिए और हमेशा एक दूसरे की सुरक्षा में सहायता करनी चाहिए। आइये हम अपने, अपने परिवार और अपने समुदाय के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में काम करें। यही विनती मेरी सबसे है कि:-       

“समय से कार्यस्थल पर सुरक्षित पहुंचे,        

समय से घर सुरक्षित लौटें।”

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